जब में बेरोगजार था!


ये उन दिनों की है जब में बेरोगार था ......... 
जब तुझसे मिलने के लिए दोस्तों से पैसे उद्धार लिया करता था। ......

याद है तुझे जब तू ने मेट्रो स्टेशन पर पहली 
बार २ घंटे तक इंतज़ार किया था........वो प्यार था  

तुझ से मिलने के लिए बस के किराये के पैसे जोड़ा करता था.........
तेरे जन्म दिन पर तेरे मुस्कान देखने के लिए तुझे चॉकलेट दिया करता था..... वो प्यार था 

तेरे रोने पर तेरे आँसू का स्वाद नमकीन हुआ करता था....... 
कभी कभी तेरी नाक भी बहती थे और साफ़ मुझे करना पड़ता था.......वो प्यार था

तू मंदिर जाने के बहाने मुझसे मिलने दूर चली आती थी........ 
सजना तो तुझे आता हे नहीं था तेरी पेंट की सिलाई का ध्यन भी मुझे रखना पड़ता था........ वो प्यार था


ये जो सारे हमारे प्यार के किस्से है!
तेरे नए प्यार के भी यही किस्से  है....??  



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